छत के ऊपर वाटरप्रूफिंग करने का सबसे अच्छा तरीका
क्या आप जानते है ? आप के पुराने या नए घर के छत के ऊपर अगर लीकेज की समस्या बढ़ जाय तो उस समय आप क्या करेंगे। छत से लीकेज होने का मेन कारण है छत के ऊपर पानी का रुकना, कभी-कभी छत के ऊपर ज्यादा वारिस की वजह से पानी रुकने लगता है जिसके करण घर के अंदर पानी का रिसाव होता है ओर छत हमेशा गिला रहता है। घर के अंदर पानी थोड़ी - थोड़ी टपकता रहता है तब आप उस समय क्या करेंगे, आप उस समस्या को कैसे ठीक करेंगे।
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| छत का वाटरप्रूफिंग |
#1 वॉटरप्रूफ करने से पहले
आप अपने नए घर के छत को वॉटरप्रूफ करना चाहते है तो आप को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। अगर आप का घर बहुत पुराना है, तो आप को कुछ जरुरी चीजों का ध्यान रखना होगा। छत के ऊपर से सभी समान को हटा दे अगर आप का घर पुराना है तो छत के ऊपर का सभी सीमेंट बालू से बना हुआ डाल को मशीन या हथौड़ा की सहायता से तोड़ कर हटा दे ताकि छत का कॉन्क्रेट दिखने लगे। आप को पूरे छत के ऊपर का डाल तोड़कर छत का कॉन्क्रेट को दिखाना है। छत के ऊपर का प्लास्टर तोड़ने के बाद छत को अच्छी तरह से साफ कर ले उसके ऊपर पुराना बालू नही रहना चाहिए।
सिर्फ यही ईट होगी आप के घर के लिए सबसे बेहतर
#2 छत का वाटरप्रूफिंग
छत का वाटरप्रूफिंग करने के लिए छत को अच्छी तरह से साफ कर ले, उसके बाद छत को पानी से गीला कर ले ताकि वाटरप्रूफ जब हम करेंगे तब वह जल्दी न सुख पाए। वाटरप्रूफिंग करने के लिए एक बाल्टी में 15 लीटर पानी ले उस में 50-80 मिलीलीटर वॉटरप्रूफ डाले फिर उस में 5 किलो सीमेंट डाले और उसे अच्छी तरह से मिलाए। मिला लेने के बाद एक जग की सहायता से उस घोल को छत के ऊपर अच्छी तरह से डाले ऐसा नहीं की आप सिर्फ 15 लीटर में पूरे छत को वॉटरप्रूफ करना है, अगर घोल खतम हो जाय तो दोबारा घोल बना कर डालना है। इस घोल को जग की सहायता से छत के ऊपर डालने के बाद उसे झाड़ू की मदद से चारो और फैलाए। फैलाने के बाद उसे 10 मिनट के लिए छोर दे ताकि वॉटरप्रूफ का रिएक्शन सुरु हो सके।
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इस घोल को छत के ऊपर 8 mm मोटा डाला जाता है |
पूरे छत के ऊपर वॉटरप्रूफ फैलाने के बाद सीमेंट बालू का घोल तैयार करे और इस में भी वॉटरप्रूफ मिलाए। उस घोल को छत के ऊपर 8 mm मोटा डाले ताकि उसके ऊपर लाल ईट को रखा जा सके। आप इस घोल को थोड़ा ज्यादा गीला रखे ताकि लाल ईट को इस घोल में अच्छी तरह से लगाया जा सके और वह बाद में हिले नही।
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छत के ऊपर वॉटरप्रूफ करते समय लाल ईट को तोड़ कर लगाए |
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ईट के बीच का गैप 1 ईंच रखे ताकि उसमे घोल पिलाने में आसानी होगी |
#3 छत के ऊपर लाल ईट लगाना
छत के ऊपर लाल ईट लगाने के लिए वॉटरप्रूफ वाले सीमेंट बालू के घोल को 8 mm मोटा डाला जाता है ताकि लाल ईट उस घोल में थोड़ा अंदर दब सके ताकि सूखने के बाद वह हिले नही। आप जब भी सीमेंट बालू का घोल डाले वह थोड़ा ज्यादा गीला होना चाहिए ताकि ईट लगाने से पहले सूखे नही तो ईट उस में सही से नही लगे। आप जब भी ईट लगाए तो तोड़ कर लगाए सीधा ईट नही लगाए और उस के बीच का गैप 1 ईंच रखे ताकि उसे भरने में आसानी होगी और घोल अच्छी तरह से ईट के गैप के अंदर डाला जा सके। ईट पूरे छत के ऊपर लगाने के बाद उसके गैप में घोल नही डाला जाएगा तीन दिन के लिए उस ईट के ऊपर पानी डाल कर छोड़ा जाएगा ताकि लीकेज की जांच किया जा सके। तीन दिन बाद वह पानी को निकाल कर उस गैप में सीमेंट बालू का घोल में वॉटरप्रूफ मिला कर उसे अच्छी तरह से ईट के गैप के अंदर डाला जाएगा। छत के ऊपर लाल ईट लगाने से एक फायदा होता है की आप के घर के अंदर ज्यादा गर्मी नही लगेगी आपका घर अंदर से ठंडा होगा।
#2 निष्कर्ष
छत के ऊपर वाटरप्रूफिंग करने के लिए छत के ऊपर के मढ़ी को मशीन या हथौड़ा की सहायता से तोड़ कर निकाल दिया जाता है और उसे अच्छी तरह से साफ कर के हटा दिया जाता है। छत को पानी से धो कर एक बाल्टी पानी में सीमेंट और वॉटरप्रूफ डालकर उसे अच्छी तरह से मिला लिया जाता है और उसे एक जग की सहायता से पूरे छत पर अच्छी तरह से फैलाया जाता है। उसके बाद सीमेंट बालू का गीला मसाला में वॉटरप्रूफ मिला कर उसे छत के ऊपर बिछा कर उसके ऊपर लाल ईट को तोड़ कर बिछाया जाता है। ईट के बीच का गैप 1 ईंच रखा जाता है ताकि बाद में उसके अंदर अच्छी तरह से मसाला भरा जा सके।
आप इस तरह से अपने पुराने या नए घर का वॉटरप्रूफ कर सकते है। इस तरह से किया गया वॉटरप्रूफ बहुत अच्छा होता है और इस में कभी भी लीकेज की समस्या उत्पन नही होती है।



